Being Grounded is my Hobby... Being Loving is my Passion... Being Loved is my Reward.
Tuesday, 15 November 2016
चंद जज़्बात - 10
सजा केसे दे जिसे हर शख्स से अलग माना था
हमनें तो खंजर वाले हाथों में अपनी हस्ती सोंप दी
हमनें तो खंजर वाले हाथों में अपनी हस्ती सोंप दी
चंद जज़्बात - 9
वो बूंदे भी झूम के गिरी, बादल का हाथ छोड़ के।
कुछ लोग बिखर क्यों जाते हे, जो कोई एक साथ छोड़ दे।।
चंद जज़्बात - 8
मेरी ही जेब के सिक्के मेरे नहीं,
पत्थर की दीवारों के घर पक्के नहीं,
चौक में गिरती बारिश के हिस्से भी मेरे नहीं,
बस सुख दुःख की शतरंज मेरी, रात ही रात मेरी,
मेरे बक्से में सवेरे नहीं ।। सुधा राम जोशी ।।
चंद जज़्बात - 7
जीवन क्षणिक हे या मृत्यु
अर्थहीन हे यह प्रस्तावना
सम्वेदनायें अकाल हे
उन्हें ही प्रकल्पित करो
इस जीवन और पार उस जीवन के
बस वही जीवंत हे
सुधा राम जोशी
अर्थहीन हे यह प्रस्तावना
सम्वेदनायें अकाल हे
उन्हें ही प्रकल्पित करो
इस जीवन और पार उस जीवन के
बस वही जीवंत हे
सुधा राम जोशी
चंद जज़्बात - 6
इश्क़ के कानून कि रियायतें देखिये
हज़ारो फतवें निकालता है सजा-ए- बेवफाई के
पर हर सजा में गुंजाइश होती हे उसके लौट आने की.. !!
सुधा राम जोशी
हज़ारो फतवें निकालता है सजा-ए- बेवफाई के
पर हर सजा में गुंजाइश होती हे उसके लौट आने की.. !!
सुधा राम जोशी
चंद जज़्बात - 5
वरना फ़कीर के हाथ में आकर हीरा बिकता भी तो बस एक रोटी क लिए "सुर"
"सुधा राम जोशी "
चंद जज़्बात- 4
अधूरे बिखरे ख़्वाबों के मोती अलमारी से निकाले हे आज मेंने
शायद फिर एक धागे ने उम्मीद की आहट की है !!
सुधा राम जोशी
शायद फिर एक धागे ने उम्मीद की आहट की है !!
सुधा राम जोशी
चंद जज़्बात - 1
इतने बुरे हम भी नहीं थे जो हज़ारो को छोड़ हमने उसे चाहा
उसकी बेवफाई में इतनी भी हया नहीं थी जो हमारी वफ़ा के दामन क पीछे छुप जाती
उसकी बेवफाई में इतनी भी हया नहीं थी जो हमारी वफ़ा के दामन क पीछे छुप जाती
Subscribe to:
Comments (Atom)