Tuesday, 15 November 2016

चंद जज़्बात- 4

अधूरे बिखरे ख़्वाबों के मोती अलमारी से निकाले हे आज मेंने
शायद फिर एक धागे ने उम्मीद की आहट की है !!
सुधा राम जोशी

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